आशा
एक नन्ही सी चिड़िया
जो निवास करती मन के अंदर
और गुनगुनाती रहती निरन्तर
शब्दहीन गीत.
आँधियों के शोर के बीच भी
सुनाई देता है उसका मीठा संगीत
भला कौन सा तूफान --
विचलित कर पायेगा उसे
जो रखती अगणित ह्रदयों को
जीवन - ऊष्मा से अनुप्राणित?
मैंने सुना है उसका गान
हिमशीतल प्रदेशों में
और अजनबी समुद्रोँ के बीच --
किन्तु विषमतम परिस्थिति में भी
नहीं माँगा उसने मुझ से
रोटी का एक टुकड़ा!!
(A transcreation of Emily Dickinson's poem " Hope Is The Thing With Feathers)

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