आशा --
एक नन्ही सी चिड़िया -
जो रहती मन के भीतर -
निरन्तर गुनगुनाती -
शब्दहीन गीत।
आँधियों के बीच भी -
सुनाई देता है उसका मीठा संगीत -
भला कौन सा तूफान --
विचलित कर पायेगा उसे -
जो रखती अगणित ह्रदयों को -
जीवन - ऊष्मा से अनुप्राणित?
मैंने सुना है उसका गान -
हिमशीतल प्रदेशों में -
और अजनबी समुद्रोँ के बीच --
किन्तु विषमतम परिस्थिति में भी -
नहीं माँगा उसने मुझसे -
रोटी का एक टुकड़ा!!
परिचय --
एमिली डिकिंसन की यह कविता आशा की अदम्य शक्ति का सुन्दर प्रतीकात्मक चित्रण करती है। कवयित्री ने आशा की तुलना एक छोटे पंखों वाली चिड़िया से की है जो स्थायी रूप से मानव - ह्रदय में निवास करती है और निरंतर मधुर गीत गाती रहती है। जीवन के कठिनतम क्षणों, तूफानों और अन्य विपरीत परिस्थितियों में भी यह हमारा साथ नहीं छोड़ती। विशेष बात यह है कि यह बदले में हमसे कुछ नहीं माँगती।
सरल प्रतीकों के माध्यम से यह कविता जीवन में आशा की अटूट उपस्थिति और उसकी प्रेरणादायी शक्ति को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करती है।

No comments:
Post a Comment