Saturday, 9 May 2026

Let Me Not Pray...


     मेरे प्रभु!

मैं तुमसे इस लिये प्रार्थना नहीं करता -

कि मुझ पर कभी कोई संकट न आयें -

किन्तु इसलिए कि कर सकूँ उनका सामना -

     निर्भीक हो कर।


मैं नहीं माँगता कि स्वयं ही -

शांत हो जाये मेरी पीड़ा -

अपितु यह, कि उस पर विजय पा सके -

   मेरा ह्रदय!


संकट आने पर भयभीत होकर -

प्राण रक्षा के लिये आकुल न हो जाऊँ -

बल्कि धैर्य पूर्वक संघर्ष कर सकूँ -

अपनी स्वतंत्रता के लिये।


वरदान दो मुझे मेरे प्रभु!

कि मैं कायर न बनूँ कभी,-

कि महसूस कर सकूँ तुम्हारी दया को -

केवल अपनी सफलता में नहीं -- 

विफलताओं में भी मुझे -

मिलता रहे तुम्हारा साथ।


(गुरुदेव रबिन्द्र नाथ टैगोर की कविता का भावानुवाद) 



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